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पंचाँग

🕉️ आज का पंचांग: दैनिक तिथि एवं शुभ मुहूर्त

पंडितवर्स (PanditVerse) के इस पंचांग पेज पर आपका स्वागत है। यहाँ हम आपको प्रतिदिन की सटीक ज्योतिषीय गणना प्रदान करते हैं। नीचे दिए गए कैलेंडर के माध्यम से आप आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त) की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही आप आने वाले सभी प्रमुख हिंदू व्रत एवं त्यौहारों की सूची भी देख सकते हैं।

मार्च 2026

फाल्गुन - चैत्र (विक्रम संवत 2082-83)
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  • त्यौहारों की गणना की जा रही है...

आज का पंचांग

ग्रहों की स्थिति जांची जा रही है...

पंचांग क्या है? (What is Panchang?)

वैदिक ज्योतिष में पंचांग (पंच + अंग) समय और खगोलीय स्थितियों को मापने का एक प्राचीन कैलेंडर है। इसके पांच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। किसी भी शुभ कार्य (विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि) को करने से पहले पंचांग शुद्धि देखी जाती है ताकि उस कार्य में सफलता मिल सके।

✨ प्रमुख मुहूर्त और काल

अभिजीत मुहूर्त: यह दिन का सबसे शुभ समय होता है (लगभग दोपहर 12 बजे के आस-पास)। इस समय किया गया कोई भी कार्य 100% सफल होता है। भगवान राम का जन्म इसी मुहूर्त में हुआ था।

निशिता काल: यह मध्यरात्रि का समय है जो आध्यात्मिक साधना, मंत्र सिद्धि और दीवाली/शिवरात्रि की पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

राहु काल: यह दिन का वह समय है जब राहु का प्रभाव चरम पर होता है। इस काल में कोई भी नया कार्य, यात्रा या खरीददारी नहीं करनी चाहिए।

🌍 उत्तर, दक्षिण और पाश्चात्य ज्योतिष

उत्तर भारतीय (पूर्णिमान्त): इसमें महीना पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है। (उदा: फाल्गुन, चैत्र)।

दक्षिण भारतीय (अमावस्यान्त): इसमें महीना अमावस्या के दिन समाप्त होता है। यही कारण है कि उत्तर और दक्षिण भारत के कैलेंडर में 15 दिन का अंतर होता है।

पाश्चात्य (Western/Tropical): यह मौसम पर आधारित है और इसमें ग्रहों की स्थिति सायन (Sayana) पद्धति से निकाली जाती है, जबकि वैदिक ज्योतिष (Nirayana) तारों की वास्तविक स्थिति पर आधारित है।

राशियां: सूर्य, चंद्र और लग्न में अंतर

चंद्र राशि (Moon Sign): जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में होता है। भारतीय ज्योतिष में गोचर (दैनिक भविष्यफल) और नामकरण इसी के आधार पर होता है।

सूर्य राशि (Sun Sign): जन्म के समय सूर्य जिस राशि में होता है। पाश्चात्य ज्योतिष पूरी तरह इसी पर निर्भर है।

लग्न (Ascendant): जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर जो राशि उदित हो रही होती है, उसे लग्न कहते हैं। कुण्डली का पहला भाव यही होता है और यह आपके शरीर और व्यक्तित्व को दर्शाता है।

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