ओम जय जगदीश हरे (Om Jai Jagdish Hare) भगवान विष्णु को समर्पित सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है। इसकी रचना 19वीं शताब्दी के अंत में पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा की गई थी। यह आरती न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में गाई जाती है, बल्कि यह मन को शांति और भक्ति से भर देती है। Panditverse पर यहाँ इस मंगलकारी आरती के संपूर्ण लिरिक्स हिंदी और अंग्रेजी में दिए गए हैं।
ओम जय जगदीश हरे: हिंदी लिरिक्स
ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ओम जय जगदीश हरे।
जो ध्यावै फल पावै, दुःख बिनसै मन का। स्वामी दुःख बिनसै मन का। सुख सम्पत्ति घर आवै, कष्ट मिटै तन का॥ ओम जय जगदीश हरे।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। स्वामी शरण गहूं किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ओम जय जगदीश हरे तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। स्वामी तुम अन्तर्यामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी॥ ओम जय जगदीश हरे। तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता। स्वामी तुम पालनकर्ता। दीनदयाल कृपालु, रक्षा करो भर्ता॥ ओम जय जगदीश हरे। तुम हो एक अगोचर, सब के प्राणपति। स्वामी सब के प्राणपति। किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ओम जय जगदीश हरे। दीनबन्धु दुःखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। स्वामी तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ओम जय जगदीश हरे। विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा। श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥ ओम जय जगदीश हरे। तन-मन-धन सब कुछ है तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा। तेरा तुझको अर्पण, क्या लागै मेरा॥ ओम जय जगदीश हरे।
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Om Jai Jagdish Hare: English Lyrics
Om Jai Jagdish Hare, Swami Jai Jagdish Hare | Bhakta Janon Ke Sankat, Kshan Mein Door Kare || Om Jai Jagdish Hare |
Jo Dhyaavai Phal Paavai, Dukh Binsai Man Ka | Swami Dukh Binsai Man Ka | Sukh Sampati Ghar Aavai, Kasht Mitai Tan Ka || Om Jai Jagdish Hare |
Maat-Pita Tum Mere, Sharan Gahoon Kiski | Swami Sharan Gahoon Kiski | Tum Bin Aur Na Dooja, Aas Karoon Jiski || Om Jai Jagdish Hare |
Tum Pooran Paramaatma, Tum Antaryaami | Swami Tum Antaryaami | Paarbrahm Parmeshwar, Tum Sab Ke Swami || Om Jai Jagdish Hare |
Tum Karuna Ke Saagar, Tum Paalankarta | Swami Tum Paalankarta | Deendayal Kripaalu, Raksha Karo Bharta || Om Jai Jagdish Hare |
Tum Ho Ek Agochar, Sab Ke Praanpati | Swami Sab Ke Praanpati | Kis Vidhi Miloon Dayaamay, Tumko Main Kumati || Om Jai Jagdish Hare |
Deenbandhu Dukhharta, Tum Thaakur Mere | Swami Tum Thaakur Mere | Apne Haath Uthao, Dwaar Pada Tere || Om Jai Jagdish Hare |
Vishay-Vikaar Mitao, Paap Haro Deva | Swami Paap Haro Deva | Shraddha-Bhakti Badhao, Santan Ki Seva || Om Jai Jagdish Hare |
Tan-Man-Dhan Sab Kuchh Hai Tera, Swami Sab Kuchh Hai Tera | Tera Tujhko Arpan, Kya Laagai Mera || Om Jai Jagdish Hare
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